life

मेरे अनुभव आत्मा का आना और जाना सत्य है।। गीता का ज्ञान सत्य है। ऊर्जा का संरक्षण का नियम भी सत्य है।। यह परिलक्षित करता है पुनर्जन्म भी निश्चित ही होगा। ऊर्जा ही द्रव्यमान देती हैं। यह कहा जा सकता है इस संसार में हमारा आना और जाना लगा रहता है लेकिन आकार अलग है आत्मा एक ही है। हम जन्म के बन्धन से तभी छूट सकते हैं जब हम एक प्रकाश पुंज/ईश्वर में मिल जाये ।जिसका रास्ता हमारे मन से होकर जाता है। वह अनुभव आनन्दमय होगा। आत्मा का आना और जाना सत्य है।। गीता का ज्ञान सत्य है। ऊर्जा का संरक्षण का नियम भी सत्य है।। यह परिलक्षित करता है पुनर्जन्म भी निश्चित ही होगा। ऊर्जा ही द्रव्यमान देती हैं। यह कहा जा सकता है इस संसार में हमारा आना और जाना लगा रहता है लेकिन आकार अलग है आत्मा एक ही है। हम जन्म के बन्धन से तभी छूट सकते हैं जब हम एक प्रकाश पुंज/ईश्वर में मिल जाये ।जिसका रास्ता हमारे मन से होकर जाता है। वह अनुभव आनन्दमय होगा। इला

Lord Shiva

शिव भी तुम शक्ति भी तुम, मेरे अंतर्मन का अहसास भी तुम, असीम ऊर्जा हो तुम, विज्ञान के मूल में तुम, कला के श्रृंगार हो तुम, ध्यान की मुद्रा में दुनिया छुपा लेते, नयन खुले तो एक क्षण में सृष्टि बदल देते, मनुष्य को माया में फंसा देते जो माया से बच जाए उसे स्वयं में समा लेते। वर्णन से परे हो , अहसास ही मानो सबसे खूबसूरत हो, मित्र हो , प्रेम भी हो, जगती दुनिया में नहीं मिले तो मेरी रात में हो। उदासी भरी जिंदगी में सिर्फ सोचने से ही रंग भर दो वो हो तुम। कभी ऊर्जा में हो कभी द्रव्यमान में हो तुम। लेखनी उठाए तो मेरे भावों में हो तुम। आरज़ू तो बहुत है मेरी लेकिन जब दिल से पूछो मूलभूत इकाई हो तुम। क्यों रूक गयी मैं, अच्छा मेरी बढ़ती धड़कन में मुझे अपने अस्तित्व को बताने वाले हो आप, कभी कभी मेरी आपसे मिलने की चाहत को मेरी लेखनी बनाने वाले हो आप। प्रेम और श्रृद्धा (तुम/आप) के कर्णधार हो आप।।--इला जोशी

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